शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

चल रे बइला टिंगे टिंगे...


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह तीसरईया घांव शपथ ले डारीस। बड़े-बड़े नेतामन आय रीहिन, नवा-नवा जीतईया विधायक मन घलो आय रीहिन, भाजपाई मन के चेहरा मोहरा देखे के लइक रीहिन। देखे के लहक त जोगी के जलवा घलो रीहिन। जोगी के जलवा काबर नहीं रही। भाजपा ह वोखर नाम ले ले  के सरकार बनावत है। रमन सिंह अऊ इहां के जमो भाजपावाला मन ह त पहिलीच ले कहात रहे के जब तक जोगी के जलवा रही तब तक उंखर सरकार बनत रही। तेखरे पास के जोगी ल उहां भी सम्मान मिलिन। भाजपा के बड़े-बड़े नेता मन जोगी ले मिलत रीहिन। कांग्रेस ह भले जोगी के जलवा ल नहीं समझत हे फेर भाजपा वाला मन जानथे के जोगी के का ताकत हे। चुनाव म वो ह जनता झन के टिकिट बर लड़े रीहिस जम्मों ल जीतवा के ले आईस। हरईया कांग्रेसी म ह जोगी ल पानी पी पी के गारी देवत हे फेर जोगी ह जनथे के हरईया मन ह अइसनेच करबे। अपन करम ह कोनो ल नहीं दिखय। रमन सिंह के तीसरईया  शपथ ल देखे-सेने बर मनमाने भीड़ रीहिस। नवा नवा जीतईया मन के अपन जलवा हे। तेखर सेती उहु मन ह भीड़ धर-धर के आय रीहिन फेर पुलिस वाला मन के चेकिंग के मारे सिट्टी-पिट्टी गुम हो गे रीहिन। बड़े-बड़े नेता मन ले मिल-मिल के अपन बहादुरी बताने वाला मन के घलो कमी नहीं हे तेभे त कोनो ह कोन बड़े-बड़े नेता ल कइसे कइसे उदीम कर हराईन हे तेखरे गौठ चलत रीहिस।  राजिम ले जीतईया ह बतावत रीहिन के वो ह कइसे जीतीस त रविन्द्र चौबे ल हराईया लाभचंद के अपन जलवा दिखत रीहिस। शिवरतन शर्मा ह त जोगी ल कही दिस के ए दारी वोखर भाठापारा नहीं जाय के सेती वो ह जीत गे। बपरा ह तीन घावं ले हारे रीहिस। कई झन नवा नवा पहिली घांव विधायक बने हे तउन मन त भइगे टुकुर टुकुर देखत मुच मुच करत रीहिन। एक झन ह थोकीन करत रीहिस के वो ला चुप चाप बहठे ल कही दिस तहां ले उहु ह  चुप बहठ गे। एक झन त अपन गियान बरवारत रीहिस त संग म आईयाच ह कही हिस जादा गियान बरवारबेे त फोकर फंस जाबे कले चुप देख समय ले तब गियान ल बरवारबे। कई झन मन त एकदम नवा नवा पहीन के आय रीहिन अऊ धुर्रा माटी ल जाहि के चिंता म लगे रीहिस।

अब लोकसभा के का होही...


ए दे डॉक्टर साहब ह फेर कही दिस लोकसभा के ग्यारा-ग्यारा सीट ल जीतबों, डॉक्टर साहब तीर हर ईलाज के दवा हे। जइसे कइथे तइसने होथे। बपरा कांग्रेसी मन ह हार के पीरा ल भुलाय नही हे ए दे चार महिना बाद नवा चुनाव आवत हे।
डाक्टर साहब जानथे के छत्तीसगढ़ म कांग्रेसी मन के का हाल हे, दिन म भइया रात म सईयां के किस्सा के सेती त 27-27 विधायक मन हार गे, ए दे लोकसभा के पहिली अइसन मन के इलाज नई होही त फेर इही हाल होही।
जोगी ल कोनो मरवाय नहीं अऊ जोगी बिना राहय नहीं कस किस्सा छत्तीसगढ़ कांग्रेस मे हैं। कांग्रेसी मन ह अभी अपन हार के दुख मनावत हे। जोगी जइसे नेता मन के बोलती बंद हे त हरइंया मन ह गिद्ध असन होवत हे। वो हा एला दोस देवत हे त ए हा वोला दोस देवत हे फेर कोनो ह अपन चरितर ल नई देखत हे। सब झन के एकेच हाल हे। अपन हित बर कुछु भी करे जा सकत हे।
कांग्रेसी मन ह अपन म मरत हे त डॉक्टर साहब ह फेर दुदुवाय के काम कर दिस। कांग्रेसी मन ल कइसे जुझाना हे वोखर ले बढिय़ा कोन जानथे। एक झन ल बला, बने खवा पिया, दुचार काम कर दे अऊ कले चुप हल्ला करवा दे तहां ले मइगे तमाशा देखत रहा। एक त वइसने देश भर में मोदी लहर ले कांग्रेसी मन परेशान हे, मोदी लहर ले निपटे के कुछु रास्ता नहीं दिखत हे उपर ले ग्यारा के ग्यारा सीट ल जीते के गोठ कहीके कांग्रेसी मन के धड़कन ल बढ़ा दे हावय।
अब कांग्रेस के बड़े बड़े नेता मन ह काम करही, कइसे होही कोनो नई जानत हे। सरकार बनाय के अतका बढिय़ा मौका आय रीहिस कुछु ल अपन हाथ म गंवा दिन अऊ अब अपने अपन खांव खांव हांव हांव करत हे। अइसने चलत रही त ग्यारा के ग्यारा सीट ह नहीं जाही त अऊ का होही।
धुर कांग्रेसी सेवक राम ह गलत नहीं कहाय फेर जीयत जी ओखर बात ल कोनो नहीं मानीस, वो ह साफ कहाय गांधी के नाम लेके, राज करईया मन ह अभी घलो चेंत जाए अऊ गांधी के काम ल घलो आगे बढ़ाहीं तभी राज करही नहीं त भुगतही। जमाना बदल गे हे अपन जने ह त सुनय नहीं त दुसर के मानी कोन धरही। करम ल सुधार त राज करबे नहीं त कहात रही जबे अइसे करतेन त वइसे होही।
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अइसन पुलिस के काय भरोसा...


पुलिस वाला मन उपर तो भरोसाच करे के लाईक नहीं रही गे हे। कइथे कुछु अऊ करथे कुछु। अपरहरण के रिपोर्ट लिखाय बर जाबे त लापता के लिख देथे। डकैती और लुट के रिपोर्ट लिखाय बर जाबे त चोरी के लिख देंथे। अऊ मारपीट के रिपोर्ट लिखाय बर जाबे त मटईया मन ल बुला के आकरो खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दीही। तै हां चिचियावत राह तोर सुनबेच नई करय। फरार हे तउन मन फरारेच हे अऊ कुछु नई करने वाला मन फोकटे फोकट धरा जाथे। थाना अऊ कछेरी के चक्कर लगा लगा के थक जा फेर उनला दया नई आवय।
जेन मन अपराधी हे तउन मन के संगवारी होगे हे। संग म बइठत उठत हे अऊ सीधवा मन ल चयकावत हे। राजधानीच म देख ले हजार के जादा फरार अपराधी हे। पुलिस वाला मन ह सब जानथे के कोन ह कहां राहत हे अऊ कहां किंदरत घुमत हे फेर उनला पकड़े के ताकतेच नहीं हे। हर थाना क्षेत्र में इही हाल हे। जाहा कुछु होथे तहां ले कही देथे नेता मन के फोन आ जथे त काम करबो। जहां सट्टा गली खोर म चलत हे। फेर कोनों ल धरे के हिम्मत नहीं हे। तभे त आजकल चोर मन के घलो पावर बाढ़ गे हे। आरंग म त चोर मन ह पुलिस वाला के धरेच म चोरी कर दिन। त नारायणपुर म एक झन पुलिस वाला के घरवाली संग जानकारी होगे। सब झन जान डारे हे के पइसा खवा दे तहां ले कुछु नहीं बिगडय़। तभे त गलत सलत करईया मन के हिम्मत ह बाढ़ गे हे। नेता मन ल घलो अइसने मन ले पईसा चाही तभे त उहु मन ह फर ले कोन करके अइसने मन ल दुड़वा देथे अऊ बने आदमी जाथे त नियम कानून झाड़थे। पउर जीवराखन के घर के दुवारी म पड़ोसी ह कचरा फेक दीस। मना करीस त उहीच ल पीट दीस। थानी गीस त थाना वाला उही ल चमकाईस अऊ जीवराखन ह रिपोर्ट लिख कहीके दबाव डारीस त पुलिस वाला मन ओखर रिपोर्ट त लिखीस पड़ोसी ल बला के जीवराखन के खिलाफ घलो रिपोर्ट लिखवा दीस। आज ले जीवराखन ह थाना कछेरी के चक्कर कारत हावय। पुलिस वाला मन के रोज नवा नवा किस्सा सुनई देथे। ते हां शिकायत करथे त तोहींच ल पीट दीही नई त पिटवा दीही। बड़े-बड़े अधिकारी मन ह संबंध सुधारे ल कथे अऊ थाना वाला मन ह संबंध बिगाड़त रथे। तभे त रामप्रसाद ह थोकीन पीथे तहां ले पुलिस वाला मन ल मनमाने बखनत रथे। पारा  के टुरा मन ल सट्टा ले बचाय खातिर वो हा सटोरिया मन के शिकायत करे रीहिस त उल्टा उही ल फंसा दे रीहिस। अइसन पुलिस वाला मन उपर कइसे भरोसा करे जा सकत हे।

गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

चल रे बइला टिंगे टिंगे...


चुनाव होगे, सरकार ह नई बदलीस, बदले के उदीम म लगईया मन घलो ठंडा पड़ गे। सरकार बदल जाही एखर उम्मीद त कई झन ल नई रीहिस, अइसे हो ही त वइसे होही अऊ वइसे हो जाही त अइसे हो जाही करत करत कब सरकार ह बइठ जाही पता घलो नई चलही।
भाजपा वाले मन खुश हे, सरकार बन गे, फेर उंखरो बड़े-बड़े मंत्री हार गे, हार गे त बनेच होगे। जनता बर न सिर दरद रहीबे करे रीहिन, डॉक्टर बर त सिर दरद रहीबे करे रीहिन, डॉक्टर साहब बर कम सिर दरद रीहिन। अब डॉक्टर साहब के ताकत अऊ बाढञ गे हे। अऊ जइसे चाही तइसे सरकार ल चलाही।
फेर कांग्रेसी मन जी चरत हे। सोचे रीहिन सरकार त बनीच नहीं फेर जनता अड़बड़ होशियार हे जानत रीहिन के कोन कोन नेता मन ह कइसे कइसे मजा करत हावय। कोन ह कांग्रेसी हन करीके सरकार संग यारी निभावत हावय, अऊ कोन ह लोगन ल ठगत हे। जइसे चुनाव आइस लोगन म कले चुप मजा चरवाहिन।
 ए दारी अड़बड़ झन नवा नवा विधायक चुन के आय हावंय। पउर दारी घलो 20 झन नवा नवा चुन के मंजे रीहिन फेर ओमन ह कुछु काम नई कर पाईन त जनता उला बदल दिन ए दारी 34 झन नवा नवा पहुंचे हे। अभी त बपरा मन कले चुव तमाशा देखत हावंय। पार्टी के बड़े-बड़े नेता मन के गोठ बात त सुनत हे। विधायक बने के पहिली का का नई सोचे रीहिन अब विधायक बन गे त कतकोन झन मेझरावत हे।
एक झन काहत हे अब मोर क्षेत्र में अइसे काम करहु के आज तक ले नई होय हे। मोर पार्टी के सरकार बन गे हे देखबे मैं हा का का नई कारहू। वो दिन अइसने गोठबात म सियाराम ह कही दिस सबले पहिली त बाबू ते हां स्कूल म पढ़ई-लिखई ल बने करवा देबे, पांच किलास ल एक झन गुरुजी पढ़ाथे अऊ उहु ह कब आथे कब जाथे तेखर टिकना नई रहाय। कुछ कहीबे तहां ले छुट्टी मार देथे। पांच किलास बर पांच ठन गुरुजी रखवा दे तहां ले सब ठीक हो जाहय।
आजकल नवा नवा जतका विधायक बने हे सब के अपन अपन गोठ ह। को मन ह नई जानत हे के विधायक बने भर ले कुछु नई होवय। पार्टी म बड़े-बड़े नेता मन ह पहिली ले बइठे हे जादा कुछु करबे तहां ले कतका बेर कोन मोर परक दिही कोनो नई जानय।
पउर नई जानस एक झन विधायक ह मंत्री के खिलाफ बोलीस तहां ले ओला कइसे चुप करा दिन।
राजनीति ह अइसने चलथे। जादा मन उचक नई त उचकेच रही जबे। नवा नवा जीतईया मन के अभी घाघ मन संग पाला नई पड़े हे। थोकीन एक जावव सब पता चल जाही।

जीतईया मन जीत गे हरईया मन मुंह ल फार दिन...


ये दे जम्मो डहार कमलेच कमल दिखत हे। हाथ वाला मन अड़बड़ मेहनत करीन फेर कमल ल फुले ले नई रोक सकीन। छत्तीसगढ़ म त बोड़ बड़त लाज ह रहीगे फेर दूसर डहार त अइसे बुता बने हे के झन पूछ काहत हे। मोदी के जादू चलीस के कांग्रेसी मन ल ओखर करनी के फल मिलिस तेन ल बइठ के गुनत रहाव। एखर कोनो मतलब नई हे।
छत्तीसगढ़ म चांदर वाले बाबा ह हेटटिक मार दिस। अऊ कांग्रेसी मन ह फेर दस कदम दूरिया रहीगे। कांग्रेस ह कार नई जीतिस। अइसे करतीन त वइसे होतीस करत हावंय फेर एखर कोनो फायदा नई हे। एक बात त तय हे के जेन जीत थे तेखर दम ल नई देखे जाये। एखर बाद घलो भाजपा ल सोचे ल पड़ही के ओखर बड़े-बड़े मंत्री मन ह काबर हारीन। भाजपा ह अनुशासन वाला पार्टी हे। वोला सोचना एखर सेती घलो चाही के 6 महीना बाद लोकसभा चुनाव हे विधानसभा म त दिल्ली के सपना ह पूरा नई होईस फेर लोकसभा म दिल्ली जीते के सपना पूरा करे बर वोला अभी अऊ मेहनत करना हे।
मेहनत त कांग्रेसी मन ल घलो करे ल पड़ही। देश भर म मोदी के लहर चलत हे ओखर आगु म अच्छा-अच्छा मन के बोलती बंद हे। ए बात ल धियान नई दिही त कांग्रेस के जेन बुता अभी चार प्रदेश म होय हावय वइसने लोकसभा म घलो हो जाही।
छत्तीसगढ़ म मोदी के जादु चले हे ए बात ल कांग्रेसी मन ल मान लेना चाही नही त बाद म अड़बड़ पछताहीं। जेन हिसाब म रमन राज ह दस साल रीहिस हे तेन ल कोनो बनाय हे त वो रमन सिंह के छवि अऊ मोदी के लहर ह बचाय हावय।
कांग्रेस के 27 विधायक ह हार गे। बस्तर अऊ सरगुजा म घोड़ बहुत नई जीत तीन त दूसर प्रदेश असन हाल हो जतीस। रमन राज के करतुत ल उजागर करत करत अपन करतुत ल भुला गे रीहिन। अब कांग्रेसी मन ह कुहुु कांहय एख बात त तय हे के जेन ह जनता के दुख-सुख ल समझहीं उही ह अब जीत सकत हे। पहिली के जमाना नई रही गे हे के चुनाव के बेर भुलयार दे तहां ले वोट मिल जाही। जेन मन विधायक बने हे उहु मन ल सोचे बर पड़ही के जनता के दुख पीरा ह कइसे मिटही। चाउर बांटे ले कुछु नई होवय। ईमानदारी के साथ दे ल पड़ही नई त लोकसभा म चुनाव म सब कुछ उल्टा पुल्टा हो जाही।
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सरकार कखरो बनय खुशी त मनानच हे...


छत्तीसगढ़ में सरकार काखर बनही, कोन कोन जीतही अऊ काखर करम ह फुटहा हे काली जुवार सब पता चल जाही। झूठ लबारी के एक खेल म कोन कोन ह कतका बेझांय हावय अऊ कोन ह कतका बड़ नेता हे सब पता चल जाही। कोन काम करे हे कोन जयचंद-मीरजाफर हे तेखरों पता चल जाही। ए दारी फैसला म अतेक टेम लगे हे तइसन कभु नई होय हे। गान-गली, खोर-दुवार, तरीया-नदिया पार जम्मो डहार पल पल म सरकार बनत अऊ बिगड़त रीहिस। बड़े-बड़े धुरंधर मन के जी ह उड़ीयाय हावय। रोन एकेच ढन गोठ चलत रीहिस तेखर उपर ले ए सर्वेवाला मन अलग जी परान ल दे दे रीहिस। सर्वे वाला मन ह त जम्मो जगह कमल वाला मन के सरकार बना डारे हावय फेर का सरकार ह बनत हे।
टीवी रेडियो जम्मो ह जी ल असकरा दे रीहिन। बड़े-बड़े नेता मन ल बइठार के अइसे चर्चा करत रीहिन जानो मानो इखर ले विधान कोनो नई हे। सरकार बनय बर झगड़ा झंझट अतेक होथे तेन ल कई झन नई जानत रीहिन तउनो मन ह टीवी देख देख के जान डरीन। फेर आज ले कतको झन ल नई समझ आईस के कोन ह लबारी मारत हे त काखर गोठ ह सितकोन हे। वो दिन सर्वे आईस तला ले मेहतरू ह फटाका घलो फोड़ डारिस। जब वोला महराज ह बताईस के ए ए फैसला नो हय चैनल वाला मन ह अंदाजी टोला भारत हे त कले चुप धर म खुशर गे। दुसर दिन तहां ले काहत हे ले का होईस फैसला आती त अऊ फोड़ लेबो। वोला डेरहा ह किहिस अंदाजीि टोला ह गलत निकल जाही त का करबे तभो फटाका फोड़ देबो। हमला काय हे सरकारर कखरो बनय। कोन सा हमला पाल पोस दिही। अप जांगर ले कमाबो तभे खाबो। कखरो सरकार बानय नवा सरकार बर खुशी मनाबों अऊ देवता धामी म नरीयर घलो चढ़ाबों के ए मन के मति ल फिरो देवय अउ बने बने काम करय।मेहतक ह नानपन ल अइसनेच हे गांव म कहु काम होवय सबले आगु रथे। भड़भड़ा घलो हे थोकीन म रीसा जथे फेर थोड़ीच कीन देर म वइसने के वइसने हो जथे। नान नान लइका मन घलो वोला ढगत रथे फेर वो ह कखरो बर दुआ मेदी नई करय। भल ल भल जानथे। तभे त कांग्रेस मन आथे त उहीच दिखथे। भाजपाई मन ले घलो ओखर अच्छा बनथे। एक बार वो ह जरूर कहीथे। मोर एकेच ढन सपना हे के मोर जीयत जीयत गांव म सब सरकारी सुविधा मिल जाय। इहां के नोनी बाबू मन ह पढ़ लिख लय। पढ़े लिखे के अड़बड़ पुछंता हे। तेखर सेती वो ह सब लइका मन ल पढ़े बर काहत रथे।
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बिलवा के पुलिस पुराण...


छत्तीसगढ़ के पुलिस वाला मन अड़बड़ चतुरा हे। कहां कइसे करना हे काखर रिपोट झिपोट करना हे कोन ल कइसे फांसना हे अऊ कोन ल कइसे छोडऩा हे। कहां सट्टा चलाना हे केती जुआं चलाना हे सब जानथे। इखंर पार पाना अड़बड़ कठिन हे। तभे त बड़ा भारी नेता बनईया सूरज निर्मलकर के बेटा ल पिटईया मन ल पंडरी पुलिस वाला मन ह नई धरीन। डीजीपी घलो कही डारिस तभो नई धरत हे। उल्टा जगह जगह काहत घूमत हे बहुत बड़ नेता बनथे दिखावत नेतागिरी अऊ घर के लानय। वो दिन एसपी आफिस म कम हंगामा होईस। एसपी के वर्दी के बटन घलो टुट गे। फेर एसपी ए रिपोर्ट नहीं लिखवाईस। सिपाही ह रिपोर्ट लिखाय बर कही दिस। काली जुवार मोहबा बाजार के दुकान म तोडफ़ोड़ होईस, कांच-कांच जम्मो टुट गे फेर पुलिस ल रिपोर्ट नई लिखना रीहिस त नई लिखिस। कही दिस तुंहर मन के आपसी विवाद हे तुमन निपटव। अतेक तोडफ़ोड़ के बाद घलो पुलिस के आंखी म संपत्ति विवाद ह दिख गे फेर तोडफ़ोड़ ह नई दिखय। अब का खून खच्चर होही तभे रिपोर्ट लिखहीं। कई ढन मामला हे। राजधानी म जगह-जगह सट्टा होवत हे फेर मजाल के वो ह रूक जाय। उल्टा महिना बांध के वसुली करत हे। सरकार ह गुटखा बेचे म रोक लगा दे हे। फेर पुलिस वाला मन हे कुहु कर गुटका ले बंद नई करीस उल्टा खुद गुटखा खावत हे। ए कोती बड़े अधिकारी मन ह नेता मन असन भाषण बाजी करत हे के आम आदमी ले संबंध सुधारो अऊ दुसर डहार पुलिस वाला मन ह गुण्डा बदमाश ले अपन संबंध बनावत हे। ए महिना ल त कोटा पूरा करे के महिला कहे जथे। बड़े-बड़े ट्रक गायब होही अऊ धरा घलो नहीं। अगहन-पूस म अइसने होथे। हर साल के नियम हे दिसम्बर म कम से कम रिपोर्ट होही। अऊ उही रिपोर्ट होही जेहा कोटा पूरा होवय।
दूसर डहार थाना म आम आदमी संग का होवत हे तेखर चिंता कोनो ल नई हे। तभे त बिलवा ह काहय ए पुलिस कचहरी के चक्कर म आदमी ल कभु नई घुसेना चाही। बपरा के साइकिल ह चोरी होगे। रिपोर्ट लिखाय बर गिस त थाना वाला मन ह बिल मांगीन बिलवा ह किहिस दस साल पहिली बिसाल रेहेव कहां ले बिल ह रही। त पुलिस वाला मन ह भड़क गे उल्टा उही ल फ घंटा लइठार दिस वो त तिहारू ह कइसे ढंग के थाना गे रीहिस त ओला पता चलीस त बिलवा ल धर लानीस चाय पानी बर पइसा अलग दे ल पड़ गे। तेन दिन ले वो ह पुलिस वाला मन ल पानी पी पी के गारी देथे।
अइसने कई ठन किस्सा हे फेर अधिकारी मन ह पतियाही त मतलब हे। तेहा चिचियावत राह तोन कोन सुनही।